अंतरराष्ट्रीय वृद्ध जन दिवस: हमारे बुजुर्ग – ओल्ड इज गोल्ड, करें सम्मान

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फरीदाबाद। एन एच तीन फरीदाबाद स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की सैंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड, जूनियर रेडक्रॉस और गाइडस ने मिलकर प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा की अध्यक्षता में अंतरराष्ट्रीय वृद्ध जन दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड प्रभारी जूनियर रेडक्रॉस काउन्सलर प्राचार्य रविन्द्र कुमार ने कहा कि हम सभी के लिए वरिष्‍ठ नागरिकों का सम्मान करना एवं उन की आवश्यकताओं का ध्यान करना सर्वोपरि होना चाहिए। प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि घर के बुजुर्गों को ओल्ड इज गोल्ड भी कहा जाता है क्योंकि बुजुर्ग हमारे लिए ईश्वर का अवतार होते हैं, जिनके आशीर्वाद से हमारा पालन पोषण होता है उनके प्रति मन में सम्मान और अटूट प्रेम होना स्वभाविक है। लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण होता है, उस अवस्था में उनके साथ होना जब वे असहाय और अक्षम होते हैं। यही उनके प्रति हमारे प्रेम और सच्ची श्रद्धा होती है। भले ही समयाभाव में यह हमेशा संभव न हो परंतु इस एक दिन ही नही सदैव हम उनके प्रति जितने समर्पित हो सकते हैं होना चाहिए क्योंकि उन्हें सिवाए प्रेम के और कुछ नहीं चाहिए। हम सभी का कर्तव्य है कि हम ऐसी परिस्थितियां ही ना आने दे कि हमें वृद्धजन दिवस मनाना पड़ें। अत: हर नागरिक को चाहिए कि वो अपने घर के बुजुर्गों की देखभाल अच्छे से करें और उनका हर तरह से ध्यान रखें। जिस घर में बुजुर्ग प्रसन्न होते हैं उस घर पर ईश्वरीय कृपा होती है। अत: हमें इन का हमेशा ध्यान रखना चाहिए उनसे ही हम हैं वे ही हमारे उज्ज्वल भविष्य की कामना हर पल करते हैं ऐसे में हमारा दायित्व बन जाता है कि घर का हर सदस्य उनकी देखभाल पूरे दिल से करें। आज 12 करोड़ 50 लाख व्यक्ति 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं। जबकि हमारे बुजुर्गों के लंबे जीवन का तात्पर्य है कि उनके लिए नई गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए अधिक संभावनाएं एवम एक नया करियर हो सकता है और हमारे समाज में उनका बढ़ा हुआ योगदान हो सकता है। प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि वृद्ध लोगों के लिए महामारी का समय विशेष रूप से कठिन रहा है क्योंकि घरों तक सीमित रहने से उनके मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ा है और साथ ही नियमित जांच की कमी ने कुछ पुरानी स्थितियों को बढ़ा दिया है। आज रविन्द्र कुमार मनचन्दा, कोर्डिनेटर प्राध्यापिका जसनीत कौर, वरिष्ठ प्राध्यापिका ललिता, मौलिक मुख्याध्यापिका पूनम एवम प्राइमरी हेड वनिता ने बालिकाओं हर्षिता, निशा, कनिका, तबींदा, सृष्टि और खुशबू का स्लोगन के माध्यम से सुंदर संदेश देने के लिए सराहना करते हुए अभिनंदन किया।

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