आरती वर्मा
डोईवाला। संयुक्त किसान मोर्चा ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर 26 नवंबर को भारत के सभी किसानों से देश भर में “राजभवन मार्च” आयोजित करने और संबंधित राज्यपालों के माध्यम से “भारत के राष्ट्रपति को ज्ञापन” सौंपने का आह्वान किया।
इन मांगों में, संबंधित राज्यों की प्रमुख स्थानीय मांगों के साथ (1) सभी फसलों के लिए *कानूनी रूप से गारंटीकृत सीटू+50% न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)* (2) एक व्यापक ऋण माफी योजना के माध्यम से *कर्ज मुक्ति* (3) *बिजली संशोधन विधेयक, 2022 को वापस लेना* (4) लखीमपुर खीरी में किसानों व पत्रकारों के नरसंहार के आरोपी *केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की बर्खास्तगी एवं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई* (5) प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसानों की फसल बर्बाद होने पर शीघ्र क्षतिपूर्ति के लिए *व्यापक एवं प्रभावी फसल बीमा योजना* (6) सभी मध्यम, छोटे और सीमांत किसानों और कृषि श्रमिकों को प्रति माह 5,000 रुपये की *किसान पेंशन* (7) किसान आंदोलन के दौरान *किसानों के खिलाफ दर्ज सभी झूठे मामलों को वापस लेना* (8) किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए सभी किसानों के परिवारों को *मुआवजे का भुगतान* शामिल है।

