चमोली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में कर्णप्रयाग नगर क्षेत्र में भूधंसाव से प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान हेतु जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को विकासखंड कर्णप्रयाग सभागार में प्रभावित परिवारों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य प्रभावितों की समस्याओं को सुनना, समाधान के लिए सहमति बनाना तथा पुनर्वास एवं मुआवजा प्रक्रिया को गति देना रहा।
जिलाधिकारी ने बहुगुणा नगर, सुभाष नगर के आपदा प्रभावित परिवारों से संवाद करते हुए कहा कि सभी प्रभावित परिवार आपसी सहमति से क्षतिग्रस्त मकानों के मुआवजे एवं संभावित विस्थापन के संबंध में एकमत प्रस्ताव तैयार कर लें जिसे शासन को प्रेषित किया जाएगा, जिससे नियमानुसार अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित की जा सकें। बैठक में विधायक अनिल नौटियाल ने भी बताया कि कर्णप्रयाग के भूधंसाव की स्थिति को उन्होंने मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया है। मुख्यमंत्री द्वारा इस विषय को गंभीरता से लेते हुए सचिव आपदा प्रबंधन से बात की और उसी क्रम में आज जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक आहूत की गयी। उन्होंने प्रभावित परिवारों से अपील की कि वे आपसी सहमति बनाकर लिखित प्रस्ताव प्रस्तुत करें, ताकि मुआवजा वितरण एवं भूधंसाव ट्रीटमेंट कार्यों को शीघ्र प्रारंभ किया जा सके।
अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग प्रशांत श्रीवास्तव ने अवगत कराया कि भूधंसाव प्रभावित क्षेत्र में तकनीकी रूप से आवश्यक ट्रीटमेंट कार्य प्रस्तावित हैं, किन्तु प्रभावित परिवारों के मध्य मुआवजे को लेकर एकरूपता न होने के कारण कार्यों के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न हो रही है। उन्होंने कहा कि सहमति बनते ही विभाग द्वारा प्राथमिकता के आधार पर कार्य प्रारंभ कर दिए जाएंगे।
बैठक में सभासद कमला रतूड़ी (आईआईटी वार्ड, बहुगुणा नगर) ने सभी प्रभावितों के साथ बैठक कर शीघ्र एकमत प्रस्ताव तैयार करने का भरोसा दिलाया। वहीं सीमा देवी (गांधीनगर वार्ड), हेमा डिमरी (अपर बाजार वार्ड) एवं रीना देवी ने भी क्षतिग्रस्त मकानों के उचित मुआवजे एवं त्वरित ट्रीटमेंट कार्यों की आवश्यकता पर जोर दिया।

