देहरादून। स्वयं संस्था की ओर से पृथ्वी दिवस के मौके पर संगोष्ठी एवं पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया ।संस्था की उपाध्यक्षा श्रीमती मंजू सक्सेना ने बताया कि आमजन को पृथ्वी के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। स्वयं संस्था विगत बीस वर्षों से समय-समय पर पर्यावरण संरक्षण ,वृक्षारोपण, ऊर्जा संरक्षण, जल संरक्षण आदि से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम, प्रतियोगिता, संगोष्ठी एवं वार्ता आयोजित करती रहती है ।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हम पृथ्वी की उदारता से कभी भी मुक्त नहीं हो सकते। उसकी कृपा हमारे साथ जीवन भर चलती रहती है। पृथ्वी हमारी मां है, एक संतान की तरह हमें भी धरती मां की देखभाल करनी चाहिए लेकिन हमारी बढ़ती मांगों ने इस सुंदर धरती को बीमार कर दिया है।
पृथ्वी पर बढ़ते खतरों को देखकर सन् 1970 से इस दिन की शुरुआत हुई थी । हर वर्ष इसके लिए एक थीम चुना जाता है। इस वर्ष पृथ्वी दिवस की थीम हमारा ग्रह, हमारा भविष्य है।
इसका मुख्य केंद्र बिंदु आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण तैयार करना है। इसमें विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन के समाधानों, प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने और जैव विविधता के संरक्षण पर ज़ोर दिया गया ताकि भविष्य के लिए पृथ्वी की प्राकृतिक सुंदरता और संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सके। बढ़ी आबादी की जरूरत पूरा करने के लिए इंसान लगातार पृथ्वी का दोहन कर रहा है जिससे पृथ्वी के अस्तित्व पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
आज धरती की खराब सेहत के पीछे इंसान ही उत्तरदायी है। हमें यह बात समझ लेनी चाहिए कि पृथ्वी बचेगी तभी हम स्वस्थ और सुरक्षित रह सकते हैं ।पृथ्वी और उसकी प्राकृतिक संपदाओं से की गई छेड़छाड़ के दुष्परिणाम एक न एक दिन सभी को भुगतने पड़ेंगे ।अब समय आ गया है कि हम सब पृथ्वी के महत्व के बारे में सबको सजग करें। यह कार्यक्रम इसी कड़ी का एक सोपान है ।
दिन प्रतिदिन उत्सर्जित होने वाली विषैली गैसों से ओजोन की परत क्षतिग्रस्त होती जा रही है।ग्लेशियर भी पिघलने लगे हैं । पेड़ पौधे और जंगल के स्थान पर बहुमंजिली इमारतें खड़ी हो गई हैं। समय रहते हमें समझ लेना चाहिए कि पृथ्वी और उसके सुंदर पर्यावरण से ही धरती, हम और जीवन सुरक्षित रह सकेंगे।
हर साल दीपावली के अवसर पर वायु प्रदूषण का खतरा बढ़ता ही जा रहा है । जलवायु परिवर्तन के कारण पानी के स्रोत घटते जा रहे हैं और उनमें से कई प्रदूषित हो गए हैं रासायनिक खाद और कीटनाशकों का भी सीधा प्रभाव हमारी पृथ्वी की सेहत पर पड़ता है। आओ हम सब मिलकर संकल्प लें कि अपनी धरती से प्रेम करेंगे और उसके संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाएंगे तथा अपने पर्यावरण के प्रति सदैव जागरुक रहेंगे, पानी का संरक्षण करेंगे और जैव विविधता बनाए रखने में भी पूर्ण सहयोग देंगे ।
इस अवसर पर एक पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें कु० वैशाली ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया । कार्यक्रम में श्रीमती कौशल्या, श्रीमती इंदु, डॉ०उमेश चंद्र नैथानी ,डॉ० कुसुम रानी नैथानी ,श्री नितिन ,श्रीमती सोनाली चौधरी ,श्रीमती मीना, श्रीमती श्वेता,श्रीमती शांति, श्रीमती प्रियंका एवं स्कूली छात्राएं उपस्थित थे।

