दिन दहाड़े हाथियों के आतंक से क्षेत्रों में दहशत

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कोटद्वार। ग्रास्टनगंज क्षेत्र में दिनदहाड़े जंगली हाथियों के आबादी के बेहद करीब पहुंचने से स्थानीय लोगों में भारी दहशत और आक्रोश का माहौल है। आज सुबह करीब 11 बजे स्थानीय नागरिकों की सूचना मिलते ही पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी तत्काल मौके पर पहुंचे। इस दौरान सड़क से महज 50–60 मीटर दूर जंगल की ओर हाथियों का झुंड दिखाई दिया। हाथियों की चिंघाड़ से आसपास के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से हाथियों की आवाजाही लगातार बनी हुई है और अब जंगली हाथी आबादी के बेहद करीब पहुंचकर घरों एवं अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मौके पर स्वर्गीय महावीर सिंह रावत की पत्नी श्रीमती मंजू देवी ने नेगी जी को बताया कि हाथियों ने उनके घर का गेट और अंदर का दरवाजा तोड़ दिया तथा क्षेत्र की पेयजल पाइपलाइन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है। वहीं श्रीमती इंदु देवी ने बताया कि जंगली हाथियों ने उनके घर का गेट भी तोड़ डाला। इसके अलावा मनीषा गोयल के घर को भी हाथियों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने की जानकारी सामने आई। हाथियों के साथ-साथ क्षेत्र में गुलदार की लगातार मौजूदगी ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय निवासी अमर सिंह कठैत जी की धर्मपत्नी ने बताया कि उनके घर के आसपास लगभग हर दिन अथवा एक-दो दिन के अंतराल में गुलदार दिखाई दे रहा है। छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवार बेहद चिंतित है। उन्होंने बताया कि शाम करीब पांच बजे के बाद बच्चों को बाहर भेजने में भी डर लगता है और उन्हें घर में ही रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री माननीय श्री सुरेन्द्र सिंह नेगी जी ने मौके पर स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने बताया कि ग्रास्टनगंज, कोटड़ीढांग, सनेह, रतनपुर, कुंभीचौड़ और रामपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से लगातार वन्यजीवों के आबादी में आने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। हाथी और गुलदार के लगातार दिखाई देने से लोगों में भय का माहौल है तथा किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है। नेगी जी ने कहा कि यह केवल वन्यजीवों के दिखाई देने का विषय नहीं है, बल्कि आम जनता की जान-माल की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। जब जंगली हाथियों का झुंड दिनदहाड़े आबादी से महज 50–60 मीटर की दूरी पर पहुंच रहा हो और गुलदार घरों के आसपास घूम रहे हों, तो किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पूर्व भी उनके द्वारा वन्यजीवों के आतंक को लेकर वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल, डीएफओ, जिलाधिकारी तथा संबंधित वन अधिकारियों से उनके द्वारा वार्ता की गई थी। उनकी पहल के बाद क्षेत्र में एक पिंजराभी लगाया गया तथा वन विभाग की गश्त बढ़ाई गई, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। नेगी जी ने कहा कि स्थायी और प्रभावी समाधान के लिए केवल पिंजरा लगाने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने सरकार और वन विभाग से मांग की कि क्षेत्र में पिंजरों की संख्या बढ़ाने के साथ वन विभाग की गश्त और निगरानी को और मजबूत किया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से उनके कार्यकाल में बनी हाथी सुरक्षा दीवारों की तत्काल तकनीकी जांच कराकर उनकी मरम्मत कराने की मांग की। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह नेगी जी के कार्यकाल में क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही रोकने के उद्देश्य से सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया था। उस समय सुरक्षा दीवार प्रभावी होने के कारण हाथियों का आबादी की ओर आना काफी नियंत्रित था, लेकिन लंबे समय से मरम्मत और रखरखाव के अभाव में कई स्थानों पर दीवार क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां सुरक्षा दीवार मजबूत थी, वहां वन्यजीवों के लिए आबादी की ओर आने का रास्ता काफी हद तक बंद था। आज वही दीवार क्षतिग्रस्त होने के कारण हाथी और अन्य वन्यजीव उन्हीं रास्तों से आबादी की ओर पहुंच रहे हैं।
नेगी जी ने कहा कि केवल दीवार की मरम्मत ही पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि सुरक्षा दीवार के ऊपर सोलर फेंसिंग भी कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में उनके कार्यकाल के दौरान कई क्षेत्रों में सोलर फेंसिंग कराई गई थी, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए थे। इसलिए वर्तमान परिस्थितियों में क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों की मरम्मत के साथ सोलर फेंसिंग कराना वन्यजीवों के आबादी में प्रवेश को रोकने की दिशा में प्रभावी कदम हो सकता है। कहा कि जनता के घरों तक हाथी पहुंच चुके हैं, महिलाएं और बच्चे भय में जी रहे हैं, किसान अपनी फसलों को लेकर चिंतित हैं और ऐसे समय में जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच मौजूद रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। स्थानीय लोगों ने भी वर्तमान जनप्रतिनिधि की अनुपस्थिति को लेकर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि वन्यजीवों के बढ़ते आतंक के बावजूद उनकी समस्या सुनने के लिए कोई प्रभावी पहल नहीं हो रही है। पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि वह इस गंभीर विषय को उच्च स्तर पर उठाएंगे और संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों की मरम्मत, सोलर फेंसिंग, पिंजरों की संख्या बढ़ाने तथा गश्त व्यवस्था मजबूत करने के लिए ठोस कार्रवाई की मांग करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार किसी बड़ी जनहानि का इंतजार न करे। जनता की जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। दिनदहाड़े आबादी के इतने करीब हाथियों का पहुंचना और घरों को नुकसान पहुंचाना अत्यंत गंभीर स्थिति है। इसका स्थायी और वैज्ञानिक समाधान तत्काल निकाला जाना जरूरी है।
मौके पर मौजूद स्थानीय महिलाओं और नागरिकों में वन्यजीवों के बढ़ते आतंक को लेकर भारी आक्रोश दिखाई दिया। वहीं, पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह नेगी जी के मौके पर पहुंचने और समस्या को गंभीरता से सुनने के बाद लोगों ने उम्मीद जताई कि उनकी वर्षों पुरानी समस्या के समाधान के लिए अब प्रभावी पहल होगी।

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