हमें मानव का शरीर एकमात्र अपनी ‘आत्मा के विकास’ के लिए परमात्मा ने दिया है!
डा0 जगदीश गांधी, शिक्षाविद् एवं संस्थापक-प्रबन्धक,सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊपरमात्मा ने दो तरह की योनियाँ बनायी हैं – पहला पशु योनियाँ तथा दूसरा मानव योनि। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार 84 लाख पशु योनियों में अगिनत वर्षों तक अत्यन्त कष्टदायी तथा दुःखदायी जीवन बिताने के बाद मानव योनि में जन्म दयालु परमात्मा की कृपा से बड़े सौभाग्य […]
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