देहरादून। भारतीय जनता पार्टी भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा महानगर अध्यक्ष देहरादून धर्मपाल घाघट मुझे आज मुझे आजसुबह जानकारी मिली कुछ दिन पहले मंजू महिला अनुसूचित जाति वर्ग से है उसके साथ पुलिस द्वारा बर्बरता से मारपीट की गई मंजू एक अपार्टमेंट में साफ सफाई का कार्य करती थी उसके मालिक देवेंद्र ध्यानी द्वारा झूठी रिपोर्ट लिखाई गई जिसमें 15 लाख एवं जेवर की चोरी का आरोप लगाया गया पुलिस द्वारा मंजू पासी को जांच करने के लिए बुला कर बर्बरता से दो सिपाही दो महिला कांस्टेबल ने बर्फ में लिटा कर के मारपीट की और लगातार तीन दिन तक थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया उसके उपरांत मंजू की तबीयत ज्यादा खराब हो गई जिसमें उसे उपचार के लिए कोरोनेशन एडमिट कराया गया और पर दबंग लोगों द्वारा उसको वहां से ठीक हुए बिना ध्यानी द्वारा दबाव बनाकर डिस्चार्ज करा दिया गया डिस्चार्ज होने के बाद घर पर मंजू की ज्यादा तबीयत खराब हो गई है मैं वहां मेरे साथी धर्मपाल घाघट महानगर अध्यक्ष भाजपा मीडिया प्रभारी जसवीर भाई रामकुमार चौटाला सामाजिक कार्यकर्ता राजेंद्र रेडियन जी सामाजिक कार्यकर्ता समाज हित में कार्य करने वाले नेता अशोक कुमार जी जिन्होंने इस पीड़ित महिला का बीड़ा उठाया है और निरंतर उस महिला के सहयोग में अशोक भाई खड़े हैं आज हमने चौकी इंचार्ज जोगीवाला अमित राय जी को बुलाया चौकी इंचार्ज अमित जी ने वहां की परिस्थितियां देखते हुए उनको राशन व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया द्वारा कैलाश हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया जिसमें विशेष प्रयास हम सब भाइयों का रहा जिसमें हम लोगों ने मीडिया के माध्यम से एसपी साहब से निवेदन किया तत्काल प्रभाव से उन महिला सिपाही एवं कांस्टेबल को सस्पेंड किया जाए चौकी इंचार्ज केवल सस्पेंड हुए हैं इसमें पूरी चौकी को इसमें सस्पेंड होना था हम लोग सभी इस में निरंतर प्रयास करते हुए कप्तान साहब से पुनः मिलेंगे एवं ध्यानी के खिलाफ एसटी एससी कमिशन मानव अधिकार जाएंगे न्याय ना मिलने पर आंदोलन भी करेंगे मेरा सभी मित्र गणोंl से आगरे है हाथ जोड़ करके निवेदन है अनुचित समाज के व्यक्तियों को कीड़े की भांति आज भी 70 साल आजाद हुए हिंदुस्तान हो गए हैं आज भी किया जा रहा है हमें पुलिस प्रशासन के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना है महिला कॉन्स्टेबल द्वारा मंजू के साथ जो बर्बरता की गई उन महिला कांस्टेबल के खिलाफ महिला आयोग एवं एससीएसटी आयोग में 307 का मुकदमा दर्ज कराने की अपील करेंगे भविष्य में कभी भी किसी भी अनुसूचित जाति के व्यक्ति पर थर्ड डिग्री व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग ना करें मित्र पुलिस हमेशा अच्छा कार्य करती है लेकिन कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा उत्तराखंड पुलिस की छवि खराब हो रही है जिसका खामियाजा पूरी उत्तराखंड पुलिस को भुगतना पड़ता है हम मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल से भी अपील करेंगे कि महिला पुलिस कांस्टेबल को सस्पेंड नहीं नौकरी से बर्खास्त किया जाए एवं 307 की धारा लगाकर मुकदमा दर्ज किया जाए कि भविष्य में कोई भी पुलिसकर्मी किसी भी गरीब व्यक्ति या अनुसूचित जाति व्यक्ति पर इस तरह का उत्पीड़न व बर्बरता ना की जाए।

