27 वर्ष बाद दो दिन मनेगा धनतेरस का पर्व

उत्तराखंड धर्म

देहरादून। डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने जानकारी देते हुये बताया की डॉक्टर आचार्य सुशांत राज ने जानकारी देते हुये बताया की इस वर्ष 27 वर्ष बाद दो दिन धनतेरस का पर्व मनेगा। धनतेरस का पर्व इस बार 27 साल बाद दो दिन 22 और 23 अक्तूबर को मनाया जाएगा। इसके साथ ही धनतेरस पर धन के कारक गुरु और स्थायित्व के कारक शनि स्वयं की राशि मीन एवं मकर में गोचर हो रहे हैं। इससे पहले धनतेरस पर यह संयोग 178 वर्ष पूर्व 8 नवंबर, 1844 को बना था।
धनतेरस प्रदोष व्यापिनी तेरस के साथ उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के कारण सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत योग रहेगा। अमृत चंद्रमा और ब्रहस्पति आमने-सामने होंगे। धनतेरस पर स्वर्ण आभूषण, चांदी, हीरा, वाहन, बर्तन, भवन, भूमि, वस्त्र सहित सभी वस्तुओं की खरीदारी मंगलकारी होगी।
हर वर्ष दीपावली से दो दिन पहले मनाया जाने वाला धनतेरस त्योहार इस वर्ष एक दिन पहले मनाया जाएगा। सोमवार 24 अक्तूबर को दीपावली है। वहीं उससे पहले रविवार 23 अक्तूबर का धनतेरस, यम दीपदान, चतुर्दशी व्रत व छोटी दीपावली एक साथ मनाई जाएगी। गोवर्धन पूजा अन्नकूट पर्व 26 को और 27 अक्तूबर को भैया दूज का पर्व मनाया जाएगा। इस बार अमावस्या और सूर्य ग्रहण होने के कारण मंगलवार 25 अक्तूबर को काई त्योहार नहीं होगा। सूर्य ग्रहण होने के कारण दीप पर्व 6 दिन का हो गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ऐसा संयोग 27 साल बाद देखने को मिल रहा है। धनतेरस पर रविवार को पूरे दिन खरीदारी का अति शुभ मूहूर्त है। 22 अक्तूबर, शनिवार को शाम 06:04 बजे से त्रयोदशी तिथि शुरू होकर अगले दिन रविवार 23 अक्तूबर को शाम 06:03 बजे तक रहेगी। इसके बाद नरक चतुर्दशी यानि छोटी दीपावली प्रारम्भ हो जाएगी। जो सोमवार को शाम 05:25 बजे रहेगी। उसके बाद अमावस्या तिथि मंगलवार 25 अक्तूबर को शाम 04:16 तक रहेगी। तिथियों का समय घटने बढ़ने से इस बार छोटी दीपावली 23 अक्तूबर को त्रयोदशी तिथि के समाप्ति के बाद 06:04 पर प्रारंभ हो जाएगी।

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