देहरादून। उत्तराखंड में ऊर्जा निगम की ओर से बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी के प्रस्ताव का कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया है। देहरादून महानगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि बिजली के रेट बार बार बढ़ाकर उत्तराखंड सरकार प्रदेश की जनता को गरीबी में झोंक रही है। उन्होंने कहा कि बार बार विद्युत नियामक आयोग का सहारा लिया जाता है। ये भी सरकारी उपक्रम है, उससे उम्मीद कम ही की जा सकती है। वहीं, प्रदेश में बिजली की लगातार कटौती की जा रही है। इसकी चिंता सरकार को नहीं है।
उन्होंने कहा कि व्यवस्था सुधार के नाम पर कुछ नहीं हो रहा है। लाइन लास की चिंता नहीं है। हर चीज के दाम बढ़ रहे हैं। रसोई के सामान से लेकर हर वस्तु के दामों पर सरकार का नियंत्रण नहीं है। उन्होंने कहा कि बिजली के रेट बढ़ाने पर तर्क दिया जाता है कि हम महंगी बिजली खरीद रहे हैं। वहीं, सरकार उत्तराखंड को ऊर्जा प्रदेश बताती है। यदि ऊर्जा प्रदेश है तो यहां बिजली महंगी क्यों है। बिजली की परियोजनाएं यहां बन रही हैं और यहीं की जनता को महंगी बिजली मिल रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार नाकाम हो चुकी है। यदि उत्तराखंड में फिर से बिजली की दर बढ़ाकर जनता पर बोझ डाला गया तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेगा।

