डोईवाला- उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर सजावट में भले ही करोड़ों रुपये खर्च किये जा रहे हो, पर राजधानी देहरादून में अभी भी ऐसे गांव हैं, जहां ग्रामीणों को स्वयं ही पहल कर अपने रास्ते बनाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
जी हां हम बात कर रहे हैं, उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के डोईवाला विधानसभा की, जहां बुल्लावाला गांव जाने के लिए ग्रामीणों को जद्दोजहद करनी पड़ती है। और इसकी वजह है सुसवा नदी। इस नदी पर ग्रामीण वर्षों से पुल बनाये जाने की मांग कर रहे हैं, पर पुल बनाये जाने की क़वायद मात्र कागजों में सिमट कर रह गयी है। जिससे परेशान ग्रामीणों ने स्वयं ही इस रास्ते पर ह्यूम पाइप की मदद से अस्थायी पुल बनाये जाने का काम शुरू कर दिया है।
इस दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र तड़ियाल व सामाजिक कार्यकर्ता मनोज काम्बोज ने कहा कि इस समय गन्ने की पेराई का समय चल रहा है, जिसकी वजह से किसानों को अपना गन्ना मील में पहुंचाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, ओर दूसरे रास्ते से आठ किलोमीटर अधिक की दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय के साथ वाहनों में तेल की भी बर्बादी होती है। यही वजह है कि, शुगर मील के ईडी दिनेश प्रताप सिंह व ग्रामीणों के सहयोग से इस रास्ते का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता रणजोध सिंह, जस सिंह, विजय काम्बोज, संजय शर्मा, जावेद हुसैन, खंडूरी, हसीन अहमद, अब्दुल कय्यूम आदि के सहयोग से इस पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया है।
और अब इस पुल के निर्माण से ग्रामीणों व किसानों को निश्चित तौर पर राहत मिल सकेगी।

