नैनीताल। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दर्शन के लिए हल्द्वानी समेत उत्तराखंड से भी बड़ी संख्या में साधू-संत और आम लोग जा रहे हैं। अभी तक करीब 200 लोगों को निमंत्रण आ चुके हैं। विहिप की ओर से ट्रेन से जाने वाले कार सेवकों के लिए रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है। इसके लिए श्री राम जन्मभूमि दर्शन सूची का लिंक कार सेवकों को भेजा गया है।13 जनवरी को कुमाऊं और गढ़वाल से 50-50 की संख्या में 100 लोग निकलेंगे। इनमें विहिप, दुर्गावाहिनी, बजरंगदल के कार्यकर्ता शामिल हैं, जो 28 जनवरी तक अयोध्या में व्यवस्था देखेंगे। 22 जनवरी को 200 को निमंत्रण भेजा है जिसमें कार सेवक या उनके परिवार के लोगों के अलावा 150 साधू संन्यासी निकलेंगे। 25 जनवरी को 1500 कार सेवक देहरादून से ट्रेन से रवाना होंगे। ये लोग 27 जनवरी को रामलला के दर्शन करेंगे। कार सेवक प्रकाश हर्बोला ने बताया कि विहिप की ओर से श्री राम जन्मभूमि दर्शन सूची लिंक भेजा गया है। जिसमें रजिस्ट्रेशन कर लोग ट्रेन में अपना स्थान और तिथि तय कर रहे हैं।अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के समय बतौर कार सेवक गए प्रकाश हर्बोला कहते हैं कि अयोध्या में श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा गर्व का विषय है। वह 25 जनवरी को अयोध्या जाएंगे और देखेंगे कि जिस मंदिर के लिए संघर्ष किया, निर्माण के बाद वह कैसा दिखता है। यह आस्था से जुड़ा है क्योंकि राम सबके हैं और सबके हृदय में हैं।बेतालघाट क्षेत्र के लक्ष्मी नारायण मंदिर के महंत भगवान गिरी अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होंगे। महंत भगवान गिरी को अयोध्या में 22 जनवरी को आयोजित प्राण प्रतिष्ठा के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय की ओर से आमंत्रण पत्र आया है। महंत गिरी ने बताया कि भगवान राम उनके आराध्य हैं।

