देहरादून। विश्व रेडक्रास दिवस पर जिला रेडक्रास सोसायटी द्वारा जीएमएस रोड स्थित होटल सैफराॅन लीफ में आयोजित विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में यूथ रेडक्रास कमेटी के चेयरमैन डॉ० अनिल वर्मा सहित जिला रेडक्रास चेयरमैन डॉ० एम एस अंसारी, वाइस चेयरमैन सुभाष चौहान, सचिव कल्पना बिष्ट, कोषाध्यक्ष रीता गोयल, प्रबन्धन समिति सदस्य सदस्य मोहन सिंह खत्री जी , विकास गुप्ता जी, योगेश अग्रवाल जी , वरिष्ठ सदस्य व स्टेट स्काउट -गाईड के सचिव रविन्द्र मोहन काला , मेजर प्रेमलता वर्मा, पुष्पा भल्ला, पार्षद मंजू कौशिक, डॉ० जितेंद्र सिंह बुटोईया, डॉ० शिफात अंसारी, डॉ० मुशिर अंजुम , शबाना अंजुम, डॉ० मुकुल शर्मा, हाजी जाहिद हुसैन , एडवोकेट रेनू सेमवाल, जे पी जगूडी़ ,अनामिका सोनी, रविंद्र पडियार, उमेश डोभाल , जितेंद्र धीवान, विशाल कुमार, राहुल सोनकर आदि सौ लोगों को रेडक्रास द्वारा आयोजित गतिविधियों एवं समाजसेवा के क्षेत्र में अति विशिष्ट सेवाएं प्रदान करने हेतु रेडक्रास प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान करके सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत सचिव कल्पना बिष्ट ने रेडक्रॉस की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सात मूल सिद्धांतों का विस्तार से विवरण देने से तथा प्रबंधन समिति सदस्य योगेश अग्रवाल ने रेडक्रास सोसायटी के इतिहास एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भूमिका पर प्रकाश डाला।
जिला रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष डॉ० एम एस अंसारी ने स्वागत संबोधन में जीन हेनरी डयूनांट को मानवता का देवदूत करार देते हुए कहा कि विश्व में रेडक्रास ही एकमात्र ऐसा अन्तर्राष्ट्रीय संगठन है जिसके संस्थापक हेनरी डयूनांट को व्यक्तिगत रूप से 1901 में नोबेल पुरस्कार प्राप्त होने के उपरांत रेडक्रास को सन् 1917, 1944 तथा 1963 में नोबेल पुरस्कार विजेता होने का गौरव प्राप्त है।
विचार गोष्ठी के मुख्य वक्ता यूथ रेडक्रास कमेटी के चेयरमैन अनिल वर्मा ने विश्व रेडक्रास दिवस की थीम “मानवता के पक्ष में” पर सम्बोधित करते हुए कहा कि मानवता शत्रु देश से युद्ध के दौरान अथवा शांतिकाल में प्राकृतिक या मानव-निर्मित आपदाओं में देश ,धर्म ,नस्ल सम्प्रदाय या काले-गोरे का भेद न करके सभी घायल सैनिकों चाहे वह अपने देश का हो या शत्रु देश का , घायल नागरिकों, बीमारों, पीड़ितों व दीन दुखियों को पूरा विश्व एक परिवार है मानकर उनकी नि:स्वार्थ सेवा व सहायता करना ही मानवता है। रेडक्रॉस के स्वयंसेवी विश्व बंधुत्व की भावना लेकर तथा “सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे संतु निरामया….” पर आधारित रेडक्रास के सात सिद्धान्तों मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता एवं सार्वभौमिकता के अनुसार अपनी निस्वार्थ सेवाएं दे रहे हैं। धर्म सम्प्रदाय की सीमाओं और कट्टर धर्म बेड़ियों में जकड़ा होता है, परन्तु सच्चा मानव धर्म सौ प्रतिशत दया, करूणा, अहिंसा , सहयोग, सहायता , त्याग, प्रेम , सहानुभूति, परोपकार, दानशीलता व सद्भावना की भावनाओं से ओत-प्रोत होता है। जिओ और जीने दो यही सच्ची मानवता है। धर्म तो अनेक हो सकते हैं परन्तु मानव धर्म मात्र एक ही होता है। जैसे इंसान तो दुनियां में अरबों की संख्या में हैं परन्तु सच्ची इंसानियत अलग अलग नहीं एक जैसी होती है। मानवता अनेकता नहीं एकता का पर्याय है।
समारोह के मुख्य अतिथि हिमालयन वैलनेस कम्पनी देहरादून एवं दिल्ली तथा महान् समाजसेवी डॉ० एस फारूख ने कहा कि रेडक्रॉस मानवता के लिए समर्पित विश्वव्यापी संगठन है। इसके स्वयंसेवक नि:स्वार्थ भाव से समाज सेवा करते हैं। उन्होंने रेडक्रास की सराहना करते हुए कहा कि इस संगठन के कार्यकर्ता ईमानदार, सच्चे व परोपकारी होते हैं
कार्यक्रम अध्यक्ष व मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० मनोज शर्मा ने उनके अनुरोध पर रेडक्रास वालंटियर द्वारा टी बी के मरीजों के लिए किट हेतु गोद लेने की सराहना की तथा और सदस्यों को इस अभियान से जोड़ने की अपील की।
विशिष्ट अतिथि व स्टेट रेडक्रास सोसायटी के चेयरमैन डॉ० नरेश चौधरी ने बताया कि वे स्वयं रेडक्रास के प्रति विगत 30-35 वर्षों से सक्रिय होकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्होंने अनेक अभियान सफलता पूर्वक चलाए हैं। अब उन्हें राज्य रेडक्रास के चेयरमैन पद का दायित्व प्रापत हुआ है। इस जिम्मेदारी को महसूस करते हुए मैंने सबसे पहला काम सभी तेरह जिलों में यूथ रेडक्रास का गठन करके किया है।आगे भी समस्त जिला समितियों के सहयोग एवं समन्वय से रेडक्रास के उत्थान की योजनाएं बनाकर उन्हें कार्यान्वित करने का प्रयास करेंगे।
इससे पूर्व अतिथियों के स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलन के उपरांत सचिव कल्पना बिष्ट ने रेडक्रॉस की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सात मूल सिद्धांतों का विस्तार से विवरण दिया।
प्रबंधन समिति सदस्य योगेश अग्रवाल ने रेडक्रास सोसायटी के इतिहास एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भूमिका पर प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि रेडक्रास के वाईस पैट्रन डॉ० सरफराज हसन ने कहा कि रेडक्रॉस मानवता के लिए समर्पित संगठन है। इसके उद्देश्यों की पूर्ति सामूहिक रुप से व एकताबद्ध होकर बिना किसी भेदभाव के करनी चाहिए।

