देहरादून, 24 फरवरी। जनवादी महिला समिति की जिला कार्यकारिणी की बैठक में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर अन्य संगठनों के साथ संयुक्त रुप में गांधी पार्क से जुलूस निकाल कर शहीद स्थल पर आम सभा करने का निर्णय लिया गया। संगठन की प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं जिला प्रभारी इन्दु नौडियाल ने कहा कि उत्तराखण्ड अपने शांत वातावरण के लिये जाना जाता था लेकिन डबल इंजन की सरकार के चलते महिलाओं सहित आम जन बहुत असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंकिता भण्डारी, गुंजन व प्रीति सहित कई बेटियों को हमने खोया है। कानून व्यवस्था की स्थिति चरमरा गयी है। ऊंची पहुंच वाले भाजपा से सम्बन्धितअपराधियों को सरकारी संरक्षण के चलते असमाजिक तत्व बेखौफ होकर अपराध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आठ मार्च को बेहतर व सुरक्षित जीवन के संवैधानिक अधिकार के सवाल के साथ ही कामकाजी महिलाओं के सवालों को भी पुरजोर तरीके से उठाया जायेगा।बैठक की अध्यक्षता करते हुए माला गुरुंग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जायेगी लेकिन उन्होंने अमेरिका से किये गये व्यवसायिक समझौते से साबित कर दिया है कि उन्हें किसानों की कोई परवाह नहीं है। इसके साथ ही चार श्रम संहिताओं ने कामकाजी महिलाओं के समान कार्य के लिये समान वेतन का सपना छीन लिया है। बैठक में 24 मार्च को दिल्ली में आयोजित रैली में बढ़- चढ़ कर हिस्सेदारी करने का निर्णय भी लिया गया। वक्ताओं ने बढती बेरोजगारी और महंगाई पर आक्रोश जताते हुए कहा कि रोजगार विहीनता के चलते युवा आत्महत्या तक करने को मजबूर हो रहे हैं या साजिश का शिकार भी हो रहे हैं। वक्ताओं ने कहा कि बस्तियों में मालिकाना हक की मांग लम्बे समय से रही है लेकिन सरकार स्मार्ट सिटी व ऐलीवेटेड रोड के नाम पर लोगों को बेघर करने पर उतारू है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। बैठक का संचालन सीमा लिंगवाल ने किया। बैठक में नूरेसा अंसारी, सुरेशी, सुमित्रा रावत, शाकम्भरी रावत, बिन्दा मिश्रा, शांता थपलियाल, सुनीता, शबनम आदि ने चर्चा में हिस्सेदारी की।

