देहरादून, 28 सितंबर। जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जन समाधान दिवस आयोजित किया गया। समाधान दिवस में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं एवं शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। इस दौरान 140 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं। प्राप्त शिकायतों में मुख्य रूप से भूमि विवाद, आपसी विवाद, अतिक्रमण, पारिवारिक उत्पीड़न, आर्थिक सहायता, मुआवजा भुगतान, भूमि पैमाइश एवं अवैध निर्माण से संबंधित प्रकरण शामिल रहे। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का नियमानुसार, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो तथा प्रत्येक प्रकरण में की गई कार्रवाई से शिकायतकर्ता को भी अवगत कराया जाए।समाधान दिवस में 73 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक रामप्यारी गोदियाल ने पारिवारिक उत्पीड़न, गाली-गलौज, मारपीट एवं घर से निकाले जाने की शिकायत जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि पुत्रवधू एवं पौत्र द्वारा आए दिन उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है तथा मकान उनके नाम करने के लिए दबाव बनाया जाता है। उन्होंने अपनी सुरक्षा एवं उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने तथा वरिष्ठ नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ईस्ट होपटाउन, विकासनगर के खसरा संख्या 868, खाता संख्या 614 के भूमि धारकों ने मकान एवं भूमि के मुआवजे का भुगतान न होने की शिकायत की। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि मुआवजा भुगतान के लिए फरवरी 2026 में विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय में आवश्यक दस्तावेज जमा कराए गए थे, लेकिन छह माह से अधिक समय बीतने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ है। तहसील विकासनगर से रिपोर्ट लंबित होने की जानकारी दिए जाने की बात भी शिकायतकर्ताओं ने बताई। उन्होंने लंबित मुआवजे का शीघ्र भुगतान कराने का अनुरोध किया। जिसपर जिलाधिकारी ने विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। चन्द्रलोक बस्ती, राजपुर निवासी वृद्ध विधवा महिला यशोदा देवी ने अपने पुत्र एवं पुत्रवधू द्वारा कथित मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न, अभद्रता एवं धमकी दिए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी संबंधित थाना/चौकी में शिकायत की गई है तथा पुत्र एवं पुत्रवधू को अपनी चल-अचल संपत्ति से बेदखल किए जाने संबंधी सार्वजनिक नोटिस भी प्रकाशित कराया गया है। इसके बावजूद संपत्ति पर उनका कब्जा बना हुआ है। शिकायतकर्ता ने विवाद एवं मारपीट की आशंका का उल्लेख करते हुए स्वयं एवं परिवार की सुरक्षा की मांग की। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रकरण की नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा पुलिस को शिकायतकर्ता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रेसकोर्स, देहरादून निवासी संजय कालरा पुत्र धर्मचन्द कालरा ने मौजा कोल्हूपानी, तहसील विकासनगर स्थित अपनी भूमि पर पड़ोसी द्वारा कथित रूप से अतिरिक्त तारबाड़ किए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि भूमि की पैमाइश के लिए उपजिलाधिकारी विकासनगर को प्रार्थना पत्र दिया गया था, जिस पर तहसीलदार विकासनगर द्वारा लेखपाल को पैमाइश के आदेश दिए गए, लेकिन अभी तक पैमाइश नहीं हुई है। शिकायतकर्ता ने भूमि की पैमाइश एवं सीमांकन कराने का अनुरोध किया। जिस पर तहसीलदार विकासनगर को कार्यवाही के निदेश दिए। दून डिवाइन आवासीय सोसायटी, आईटी पार्क के पीछे वी.डी.जी. ग्रीन फ्लैट्स के निवासियों ने प्लॉट संख्या 75, खसरा संख्या 71ख, मजरा धोरणखास में निर्माणाधीन बहुमंजिला भवन के संबंध में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि निर्माण नियमों के विपरीत एवं उनके फ्लैट से सटाकर किया जा रहा है, जिससे भवन की सुरक्षा, वेंटिलेशन एवं आवासीय परिवारों को परेशानी हो रही है। शिकायतकर्ताओं ने पूर्व में की गई शिकायतों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि एमडीडीए की सील के बावजूद निर्माण कार्य जारी है तथा बिल्डर द्वारा उन्हें धमकियां भी दी जा रही हैं। उन्होंने निर्माण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई एवं अवैध निर्माण पर रोक लगाने की मांग की। जिस पर जिलाधिकारी ने एमडीडीए को कार्यवाही के निर्देश दिए। कोठारी मोहल्ला, जॉलीग्रांट क्षेत्रवासियों द्वारा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण संबंधी शिकायतें भी जिलाधिकारी के समक्ष रखी गईं। जिलाधिकारी ने प्रकरण का संज्ञान लेते हुए उप जिलाधिकारी डोईवाला एवं एमडीडीए के अधिकारियों को मामले की स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को केवल औपचारिक रूप से दर्ज न किया जाए, बल्कि प्रत्येक प्रकरण में स्थलीय जांच, नियमानुसार कार्रवाई तथा शिकायतकर्ता को समयबद्ध राहत सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील एवं गंभीर प्रकृति की शिकायतों में प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। वही एक महिला की घरेलू हिंसा एवं दहेज उत्पीड़न से संबंधित शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही पीड़िता को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पीड़िता ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर बताया कि विवाह के बाद से ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न किया जा रहा है तथा पति द्वारा मारपीट की जाती है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह अधिवक्ता एवं न्यायालय की फीस वहन करने में सक्षम नहीं है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रकरण में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समाधान दिवस में अपर जिलाधिकारी वि/रा केके मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार समस्त सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

