रुद्रपुर : वर्तमान में निर्माणधीन गदरपुर बाइपास स्थित एसआइएमटी के पास वर्तमान में जो अवरोध लगाए गए हैं, उन पर पीली पट्टी के निशान नहीं है। पर्याप्त लाइट भी नहीं है।डायवर्जन बोर्ड नहीं है। निर्माणाधीन गदरपुर बाईपास का एक साइड खुला है, जिस पर आवागमन हो रहा है। एसआइएमटी मुख्य गेट के सामने विद्यार्थियों व शिक्षकों के वाहन खड़े हाेते हैं। जिससे सड़क हादसे अक्सर होते हैं। इसके अलावा सकैनिया मोड भी ब्लैक स्पाट चिन्हित है। जहां पर हादसे होते हैं।हाईवे पर स्कूल, अस्पताल, पेट्रोल पंप या अन्य संस्थान हैं तो वहां पर संबंधित साइन बोर्ड लगा होना चाहिए। हाईवे पर बागवाला में राजकीय इंटर कालेज व जाफरपुर में पेट्रोल पंप,मगर इन स्थानों पर साइन बोर्ड नहीं है।एनएच-74 (NH 74) पर आठ शीशम के बड़े पेड़ उगे हैं। डिवाइडर पर घनी झाड़ियां उगी हैं। कहीं कहीं फूल के पौधे दिखे हैं। ऐसी स्थिति में रात में सामने से आने वाले वाहनों की लाइट की चमक सीधे चालक पर पड़ने से सड़क हादसे होने की संभावना बनी रहती है। छोटे-छोटे पौधे होने से सामने से लाइट की चमक आंखों पर सीधी नहीं पड़ती है।रुद्रपुर से बाजपुर के बीच में कुछ स्थानों पर ही ट्रैफिक लाइटें लगी हैं। कुछ स्थानों पर लाइटें लग रही हैं। इससे रात में वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है। ट्रैफिक लाइट न होने से सड़क के गढ्ढे नहीं दिख पाते हैं और सड़क पर घूमतेे मवेशी भी दूर से नजर नहीं आते हैं।योगेश कुमार शर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआइ रुद्रपुर का कहना है कि हाईवे पर शहर में पांच सौ मीटर पर और ओपन एरिया में दो सौ मीटर पर कट दिया जाता है। हाईवे पर ट्रैफिक सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। जहां पर कमियां हैं, उसे दूर किया जाएगा। गदरपुर बाइपास का निर्माण इस माह पूरा हो जाएगा।विजय विक्रम, यातायात निरीक्षक रुद्रपुर ने बताया कि सड़क हादसे से बचाव के लिए लोगों को ट्रैफिक नियम के प्रति जागरुक किया जाता है। ट्रैफिक सेंस की कमी से लोग वाहन चलाते समय नियम का पालन नहीं करते हैं।

