ऋषिकेश, 23 अगस्त। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी का 70 वां और जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती का 50 वां जन्मदिन लंदन में स्वामी नारायण मन्दिर में मनाया गया। इस अवसर पर लंदन में रहने वाले भारतीय और विदेशी अनुयायियों ने सहभाग किया। दुनिया के विभिन्न देशों में रहने वाले अनुयायियों ने इस कार्यक्रम से लाइव प्लेटफार्म के माध्यम से जुड़कर पूज्य स्वामी जी और साध्वी जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
’खुशियों के रहस्य’ इस कार्यक्रम में पश्चिम की धरती पर भारतीय संस्कृति और संस्कारों को प्रसारित करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिये कार्य कर रही विभिन्न विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित किया गया।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने प्रवासी भारतीयों का आह्वान करते हुये कहा कि आप सभी ने पश्चिम की धरती पर रहकर अनेक कीर्तिमान स्थापित किये हैं, अब समय आ गया है कि हम अपनी जन्मभूमि और गांवों के लिये कार्य करें। अपने गांवों को स्वच्छ, समृद्ध और विकसित करने हेतु कार्य करें। स्वामी जी ने कहा कि गांवों में अभी भी शिक्षा, चिकित्सा और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिये कार्य करने की जरूरत है।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत करवट ले रहा हैं; नित-नूतन उपलब्धियों को हासिल कर रहा हैं। आप सभी भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जुड़े रहें तथा भारतीय संस्कृति को अपने दिलों में स्थान प्रदान करे और अपनी जड़ों से जुड़ें रहे। हम अतीत की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजें और सवारें तथा उसकी मजबूत आधारशिला पर खडे होकर अपने मूल से जुड़े रहते हुये नए मूल्यों व नई संस्कृति को निर्मित एवं विकसित करें ताकि हमारी भावी पीढ़ियाँ परिष्कृत और सुसंस्कृत संस्कृति और संस्कारों के साथ बड़ी हो सके।
स्वामी जी ने कहा कि इंग्लैंड की धरती पर भी भारतीयों ने अनेक कीर्तिमान हासिल किये हैं और वे नये संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहे हैं, अब हम सभी को मिलकर वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिये कार्य करने की आवश्यकता है।
आज के इस पावन अवसर पर स्वामी जी ने हिन्दुजा परिवार को उनके हरित संकल्पों और पर्यावरण संरक्षण हेतु समर्पित कार्यो के लिये सम्मानित किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में लंदन में इलेक्ट्रिक बस और अनेक हरित मुहिमों को शुरू किया है जिसके लिये स्वामी जी ने हिन्दुजा परिवार की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
खुशियों का रहस्य इस कार्यक्रम में लंदन में रहने वाले अनुयायियों ने पौधों के रोपण का संकल्प लिया। स्वामी जी ने जन्म दिन के अवसर पर मोमबत्ती बुझाने नहीं बल्कि दीप जलाकर जीवन को प्रकाशित करने का संदेश दिया। नन्हें-नन्हें बच्चों के दीप जलाकर और केक काटकर स्वामी जी और साध्वी जी का जन्मदिन मनाया।

