देहरादून। इन्दिरा मार्केट रि -डैवलपमेंट प्लान के प्रभावितों की ओर से डीएम को सौंपा ज्ञापन, कई राजनीतिक दल शामिल
देहरादून19 जून 026,
इंदिरा मार्केट पुनर्विकास योजना को लेकर प्रभावित व्यापारियों ने आज जिलाधिकारी देहरादून श्री आशीष चौहान को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में सीपीएम, सीपीआई, सीपीआई एमएल, बसपा, आप, सीटू तथा व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों ने अपने हस्ताक्षर किए हैं।
जिलाधिकारी को सम्बोधित ज्ञापन में इन प्रतिनिधियों ने कहा उक्त योजना पिछले क ई महीनों से ठप्प पडी हुई है!इंदिरा मार्केट पुनर्विकास योजना वर्ष 2016 में तत्कालीन सरकार द्वारा शुरू की गई थी। बाजार में यातायात एवं अग्नि सुरक्षा मानकों के अभाव में यह योजना अनिवार्य बनाई गई थी। मार्च 2024 में एमडीडीए उपाध्यक्ष ने निर्माण एजेंसी को अंतिम चेतावनी दी थी और अक्टूबर में डीपीआर में संशोधन को मंजूरी मिली थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 450 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना का 65 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है,जबकि हकीकत कुछ और है,16,558 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बनने वाले इस कॉम्प्लेक्स में 581 दुकानें, 56 कियोस्क और 1050 वाहनों की पार्किंग का प्रस्ताव है।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि पिछले एक दशक से उनकी आजीविका ठप है और करीब 655 दुकानदार परिवारों का भविष्य अनिश्चित हो गया है। वित्तीय संकट एवं डीपीआर में तकनीकी आपत्तियों के चलते निर्माण कार्य पिछले डेढ़ माह से ठप्प है। जिलाधिकारी आशीष चौहान ने संयुक्त ज्ञापन स्वीकार करते हुए अपने स्तर से हरसंभव सहयोग करने का आश्वासन दिया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिसंबर 2022 में इस परियोजना का शिलान्यास किया था और 14 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा था। हालांकि अब इसके वर्ष 2026 तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। जिला प्रशासन ने पहले ही इंदिरा मार्केट परियोजना की साप्ताहिक समीक्षा करने का निर्णय लिया है। डीएम चौहान ने कहा कि वे मामले की गंभीरता को समझते हैं और जल्द ही संबंधित विभागों के साथ बैठक कर परियोजना को गति देने के उपायों पर विचार करेंगे।
प्रभावित की ओर से अनन्त आकाश, राजेंद्र पुरोहित, शिवप्रसाद देवली(सीपीएम), समर भण्डारी (सीपीआई ), इन्द्रेश मैखुरी(माले), सत्येन्द्र सिंह (बसपा ), अशोक सेमवाल, रविंद्र कुमार चौधरी (आप), लेखराज, भगवन्त पयाल (सीआईटीयू), दिनेश सती, अशोक सचदेवा (व्यापार मण्डल) आदि लोगों के हस्ताक्षर शामिल हैं।

