चम्पावत, 20 जून। मुख्यमंत्री की आदर्श चम्पावत परिकल्पना को मिली नई गति, नमामि गंगे परियोजना हेतु भूमि हस्तांतरण को शासन की मंजूरी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की “आदर्श चम्पावत” परिकल्पना के अनुरूप जनपद में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। इसी क्रम में चम्पावत नगर क्षेत्र में प्रस्तावित आई एंड डी एवं एसटीपी परियोजना के लिए आवश्यक राजकीय भूमि के हस्तांतरण/नामांतरण को शासन स्तर से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। मुख्यमंत्री के निर्देशों एवं जिलाधिकारी मनीष कुमार के सतत प्रयासों के फलस्वरूप यह महत्वपूर्ण स्वीकृति प्राप्त हुई है, जिससे चम्पावत नगर क्षेत्र में सीवेज प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा स्वच्छ एवं प्रदूषण मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है। शासनादेश के अनुसार तहसील चम्पावत के राजस्व ग्राम चौकी स्थित विभिन्न खसरों की कुल 0.440 हेक्टेयर राजकीय भूमि को नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत आई एंड डी एवं एसटीपी परियोजना के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभागउत्तराखण्ड शासन के नाम निःशुल्क हस्तांतरित/नामांतरित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह भूमि परियोजना के निर्माण एवं संचालन के लिए उपयोग में लाई जाएगी।
उल्लेखनीय है कि नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित यह परियोजना नगर क्षेत्र में सीवेज के वैज्ञानिक निस्तारण, जल स्रोतों के संरक्षण तथा पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। परियोजना के पूर्ण होने पर चम्पावत नगर में स्वच्छता व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा स्थानीय नागरिकों को बेहतर पर्यावरणीय सुविधाओं का लाभ प्राप्त होगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में जनपद चम्पावत में विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे के अंतर्गत प्रस्तावित यह परियोजना स्वच्छ चम्पावत, स्वस्थ चम्पावत और आदर्श चम्पावत के लक्ष्य को साकार करने में मील का पत्थर सिद्ध होगी। प्रशासन परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित कर रहा है।
यह स्वीकृति चम्पावत नगर के दीर्घकालिक एवं सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जिससे भविष्य में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं जनसुविधाओं को और अधिक मजबूती मिलेगी।

