देहरादून। खुडबुडा चैकी क्षेत्र में निवास करने वाले एक ज्वेलर के साथ हुई 24 लाख 72 हजार रुपए व एक एक्टिवा गाड़ी की धोखाधडी के मामले में पुलिस के प्रयासो से ज्वेलर को एक्टिवा गाड़ी वापस मिल गई है।
गौरतलब है की मोती बाजार में सांभवी ज्वेलर्स के नाम से सोने चांदी का व्यापार करने वाले ज्वेलर विकास रस्तोगी ने हाल ही मे राहुल मित्तल पुत्र नरेश मित्तल निवासी खुडबुड़ा मोहल्ला के खिलाफ धोखाधडी सहित विभिन्न धाराओ मे मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड के आदेश पर दर्ज हुए इस मुकदमे में खास बात यह थी कि आरोपियों के विरूद्ध 24 लाख 72 हजार रूपये के आभूषण लेकर उसकी रकम न देना तो स्पष्ट रूप से नजर आ रहा था लेकिन तहरीर में यह स्पष्ट नही था कि आरोपियो ने ज्वेलर्स से एक एक्टिवा गाडी भी धोखाधडी से ले रखी है। जब इस मामले में पुलिस क्षेत्राधिकारी के समक्ष बयान हुए तो वहां भी आरोपी राहुल मित्तल ने झूठ बोलते हुए कहा कि उनके पास विकास रस्तोगी की कोई गाडी नही है लेकिन जब विवेचना आगे बढ़ी तो यह बात स्पष्ट हो गयी कि राहुल मित्तल ने विकास रस्तोगी की एक्टिवा संख्या यूके 07डीएन 9063 ले रखी है जोकि उसने खुडबुडा मोहल्ला निवासी नेहा कटारिया के पास 70 हजार रूपये में गिरवी रखी हुयी है इस मामले का खुलासा होते ही खुडबुडा चैकी पुलिस ने नेहा कटारिया के यहां से एक्टिवा गाडी बरामद कर ली जो कि खुडबुडा चैकी प्रभारी रवि प्रसाद के समक्ष राहुल मित्तल के पिता नरेश मित्तल ने नेहा कटारिया को 70 हजार रूपये लौटाकर एक्टिवा ज्वेलर विकास रस्तोगी के सुपूर्द कर दी। यहां यह बात स्पष्ट हो गयी कि राहुल मित्तल एक्टिवा गाडी से संबंध में जो बयान दे रहा था वह झूठे थे गाडी वास्तव में उसी के पास थी। ज्वेलर विकास रस्तोगी ने एक्टिवा गाडी की बरामदगी पर खुडबुडा चैकी प्रभारी रवि प्रसाद सहित समस्त पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया और उन्होंने कहा कि उन्हें यह विश्वास हो गया कि जिस तरह गाडी वापस मिली है उसी तरह आरोपियो के पास से पुलिस उनके सोने चांदी के आभूषण की 24 लाख 72 हजार रूपये की रकम भी वापस दिलवा देगी।

